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People in Kerala celebrating Vishu today

Root News of India 2019-04-15 10:46:48    MEDITATION 1873
People in Kerala celebrating Vishu today
Thiruvananthapuram, April 15 (RNI): In Kerala, people are celebrating Vishu, the Malayalam New Year. Our correspondent has the details. The day begins with people taking Kani darshanam or Vishu kani soon after waking up. The elders or women in the family prepare the Vishu Kani a day before by using edible stuff like rice grains, cucumber, pumpkin, coconut, mangoes, betel leaves, flowers, coins and fruits and a metal vessel called "urali" in front of a mirror that reflects the image of their deity.

A special yellow flower named Konna is a must in the Kani. They also exchange gifts with their loved ones and wear new clothes. On this day, devotees visit temples and offer their prayer to Lord Krishna, who is worshipped on this day.

People also visit Sabarimala Ayyappan Temple, Guruvayur Sree Krishna temple or the Kulathupuzha Sree BaalaShastha Temple to have a 'Vishukkani Kazhcha'viewing in the early hours of the day. And like all other festivals, Vishu is incomplete without an elaborate meal. There will a delicious meal -the Sadya which consists of different varieties of preparations.




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Kailash Mansarovar Yatra to begin from 8th of next month.
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New Delhi, May 15 (RNI): The annual Kailash Manasarovar Yatra will be held from 8th June to 8th of September. Foreign Secretary Vijay Gokhale said the External Affairs Ministry's consistent effort has been to get as many applications as it can as the yatra is important not only for those going for spiritual or religious purposes but also to build relations between India and China. He was speaking at the Computerized Draw of lots for this year's Yatra in New Delhi today.
उपचार के बाद हरा भरा हुआ पारिजात वृक्ष
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बाराबंकी/लखनऊ, 15 मई (आरएनआई) | पौराणिक काल का स्वर्ग से उतरा पारिजात वृक्ष एक बार फिर से पूरा हरा भरा हो गया जिसमें वह फूल भी खिल चुका है जिसके दर्शन मात्र से मनो कामनायें पूर्ण होती हैं ऐसी पौराणिक मान्यता है कि पारिजात वृक्ष के पुष्प व वृक्ष के दर्शन से मन को शान्ति मिलती है।
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Badrinath, May 10 (RNI): The portals of Badrinath shrine opened Friday morning after a gap of six months amid chanting of vedic hymns. The holy shrine, situated in Chamoli district of Uttarakhand at a height of 10, 278 feet, was closed in November last year.
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सासनी, 8 मई (आरएनआई) | अशांति, परेशानियां तब शुरु हो जाती हैं। जब मनुष्य के जीवन मे सत्संग नही होता। मनुष्य जीवन को जीता चला जा रहा है। लेकिन मनुष्य इस बारे मे नही सोचता की जीवन को कैसे जीना चाहिये। मनुष्य ने धन कमा लिया, मकान बना लिया, शादी घर परिवार बच्चे सब हो गये, गाडी खरीद ली। यह सब कर लेने के बाद भी मनुष्य का जीवन सफल नही हो पायेगा।
श्वेत वाराह भगवान ने जनपद अमेठी में अवतार लिया था, जिनकी विश्व प्रसिद्ध मूर्तियां आज भी मौजूद है, जिनके दर्शन से मनौतियां होती है पूर्ण
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अमेठी, 7 मई (आरएनआई) | जनपद अमेठी के कोटवा थौरी के पास में गोमती नदी के तट पर खेमी घाट जो दंडेश्वर महाराज के पास में मौजूद है यहां पर श्वेत वाराह भगवान ने अवतार लिया था के संबंध में जानकारी उपलब्ध है यहीं पर दयालदास नाम का एक मंदिर भी है जो पहुंचे हुए महत्मा थे वहीं पर खेमी घाट है बाबा दयाल दास जी सावन और भादो में जब गोमती में बहुत ज्यादा पानी हो जाता था जब बाढ़ होती थी तो सीधे वो नाव से नहीं सीधे पानी के ऊपर चल करके नदी को पार करते थे और जाकर के पीपरी के एक संत थे उनसे मुलाकात करते थे और लौट आते थे उनकी हमेशा की बनी रहती थी यह दिनचर्या वहीं पर-एक दिन लौटते समय उन्हें खेती मल्लाह ने देख लिया जब वह नदी के पानी के ऊपर चलकर पार कर रहे थे वहीं आ रहे थे उनका पैर पकड़ लिया दयालदास उससे कहा किसी से बताना नहीं उन्हें वरदान दिया तुम्हारा नाम लेकर के जो शपथ खाएगा वह बेकार हो जाएगा और धाम में बेकार जाएगा हो जाएगा अपंग हो जाएगा यहां पर मौजूद लोग ऐसा कुछ बताते है लोग बताते हैं बहुत से लोगों ने गलत शपथ खाई और वह अपंग हो गए बेकार गए यह किवदंती हैं यहां पर प्रसिद्ध है उनके साथ में दुर्घटनाएं हुई इसी कारण से यहां खेती मल्लाह का नाम लेकर के कोई शपथ नहीं लेता श्वेतवराह का मेला विश्व प्रसिद्ध था श्वेतबराह के पास में मौजूद है आदि गंगा मां गोमती का किनारा है यहां पर बहुत अधिक गहराई है यहां पर हमेशा मेंला लगा करता था नवमी को और भी यहां पर राम और लक्ष्मण की मूर्तियां भी मौजूद है जानकी जी की मूर्तियां मौजूद है कथाओं के अनुसार स्थानीय लोगों के अनुसार कुंती के समय में अज्ञातवास के लिए पांडव लोग भी यहां आए थे और उन्हीं के द्वारा स्वेतवराह भगवान की मूर्तियां पूछ कर फिर से स्थापित की गई थी उनके द्वारा पूजा भी नित की गई थी जिसके कारण से उनका अज्ञातवास सफल हुआ वह काफी दिन यहां ठहरे थे ऐसे सूकर क्षेत्र भी कहा जाता है यह क्षेत्र गोस्वामी तुलसीदास जी का साधना का कार्यक्षेत्र रहा है जहां पर उन्होंने रहकर उन्होंने कई शास्त्रों की रचना की शूकर क्षेत्र पवित्र क्षेत्र माना जाता है यहां उन्होंने सिद्धियां अर्जित की थी यहीं पर पास में कुछ दूरी पर डंडेश्वर नामक धाम है जहां पर शंकर भगवान की मूर्ति की स्थापना की गई है लोगों के यहां जप यज्ञ रामचरितमानस के पाठ और प्रवचन के साथ ही पुराण की कथाएं मानस मर्मज्ञ की कथाएं और श्रीमद्भागवत की कथाएं होती हैं और यदि कोई मूर्ति की स्थापना अपने यहां करता है दंडेश्वर धाम से जल भरने के लिए अपनी सफलता के लिए जरूर आता है जब जल भरने के लिए लोग आते हैं ढोल मजीरे गाजे-बाजे के साथ में आते हैं और कोई मूर्ति की स्थापना के लिए आते हैं यहां से मूर्तियों से मिलाते उसे विवाह कहते हैं यहां से मिला करके फिर वापस जाते हैं तब जाकर की श्रीमद् भागवत कथाएं शुरू होती है प्रवचन शुरू होता है यज्ञ शुरू होती है और मनोकामना पूर्ति के लिए भी लोग भी यहां आते हैं डंडेश्वर धाम में ,दंडेश्वर धाम में काली माता की और संतोषी माता की मूर्तियां मौजूद है यहां पर मेला भी लगा करता है दंडेश्वर धाम जो गोमती नदी के किनारे पर मौजूद है इस की सीढ़ियां टूटी फूटी है गंदगी का यहां साम्राज्य है प्राचीन और महत्वपूर्ण मंदिर होने के बावजूद भी शासन-प्रशासन की नजर अब तक यह नहीं पड़ी है जबकि इसे पर्यटन स्थल के रूप में सरकार को तत्काल घोषित करना चाहिए सरकार की कोई सुविधाएं भी यहां तक आज तक नहीं पहुंची है यहां तक घाट पर लोग बैठकर के मछलियां भी मारा करते हैं और गंदगी उत्पन्न किया करते हैं मंदिर के बारे में कहा जाता है मुगल आक्रमणकारी भारत में बाबर आया था तो अपने साथियों के साथ में उसने स्वेत वराह भगवान की मूर्तियों को 12 खंडों में उसने तोड़ दिया था दिया था जो आज भी वहां पर मौजूद है किसी ने मंदिर का जीर्णोद्धार करा करके उन मूर्तियों को वैसे वही रख दिया था जो रास्ता बना हुआ है जाने के लिए वह कच्चा है और बीच में कटा हुआ है चार पहिया वाहन से वहां लगभग 100 मीटर की दूरी पर रोक देना पड़ता है वाहन को जो पैदल जाते हैं मोटरसाइकिल और साइकिल वाले किसी तरह से पहुंच जाते हैं पानी पीने के लिए वहां जो सुविधा इंडिया मार्का लगा हुआ है वह इस समय बिगड़ा हुआ है गोमती के किनारे गोमती के किनारे भगवान स्वेत वराह का मंदिर जो बना हुआ है विश्व प्रसिद्ध है कहा जाता है जब बाबर अपने साथियों के साथ में यहां आया था तो श्वेत वाराह की मूर्तियों को उसने तोड़ दिया था यह मूर्तियां बहुत ही विशाल थी इसके 12 खंड कर दिए थे वह टूटी हुई मूर्तीआज भी उस मंदिर में मौजूद है उस मंदिर को भी ध्वस्त कर दिया था मुगल आक्रमणकारी साथ ही इस मंदिर को भी तोड़ दिया था बाद में इस मंदिर का जीर्णोद्धार भी कराया गया यहां पर बहुत विशाल मेला लगा था और इसके आसपास के क्षेत्र को सरकारी सहयोग की आवश्यकता है स्वेत वराह का मंदिर बहुत ही विशाल था जो लाखोरी ईटों से बना हुआ था श्वेत वाराह का मंदिर बहुत ही विस्तृत था खासकर योगी सरकार में लोग उम्मीद कर रहे हैं श्वेत वराह मंदिर जिसका ज़िक्र पुराणों वेदों शास्त्रों उपनिषदों में है और गोस्वामी तुलसीदास जी ने यहां पर सिद्धियां अर्जित की थी लोग बताते हैं गणेश्वर धाम में जो बरगद का वृक्ष है जिसके स्पर्श से लोगों को शांति मिलती है और मनोकामनाएं पूर्ण होती है वहीं श्वेत बराह मंदिर के पास में बैठ कर के भगवान स्वेत वराह का ध्यान करने से शांति मिलती है और घर की दरिद्रता भी दूर होती है और धन धन की प्राप्ति होती है जनपद अमेठी के अशोक कुमार पाण्डेय पत्रकार यहां पर खबरों के लिए यहां पर आए हुए हैं जहां की पड़ताल में कुछ लोगों की जानकारियां मिली कुछ बुजुर्गों ने बताया जिसके आधार पर यह जानकारियां लिखी जा रही हैं लोगों ने योगी सरकार से मांग की है शूकर क्षेत्र को फिर से विकसित किया जाए जहां पर श्वेत वाराह का मंदिर बना हुआ है वहां तक पक्की सड़क से जोड़ा जाए और इससे पर्यटन स्थल घोषित किया जाए फिर से इस श्वेत वराह मंदिर को बृहद रूप दिया जाए ऐसे लोगों ने मांग की है
Holy month of Ramzan begins
Root News of India 2019-05-07 11:09:12
New Delhi, May 7 (RNI): The fasting month of Ramzan began across the country today.
विधान के अंतिम दिन 168 अर्घ चढ़ाये
Neeraj Chakrapani 2019-05-06 16:35:56
हाथरस, 6 मई (आरएनआई) | प्रतिष्ठाचार्य बालब्रह्मचारी श्री राकेश भैय्या जी ने कहा कि मंदिर में प्रतिमा के सामने खड़े होकर दर्शन करने मात्र से ही प्रतिमा से निकलने वाली ऊर्जा आपके शरीर में प्रवेश करती है, इसलिये मंदिर में प्रतिमा के सामने खडे होकर अवश्य दर्शन करने चाहिए। उन्होंने यह भी बताया कि हमारे शरीर के अंदर से नौं ऐसे स्थान है जिनसे 24 घंटे गंदगी निकलती है। उन्होंने बताया कि मुंह के अलावा नाक, कान, आंख के अलावा दो अन्य स्थानांे से मल-मूत्र निकलता है।
अक्षय तृतीया दशकों बाद बनेगा ऐसा शुभ संयोग
Root News of India 2019-05-06 12:40:45
नई दिल्ली, 6 मई (आरएनआई) | 7 मई को अक्षय तृतीया है। वैशाख मास की अक्षय तृतीया को बहुत ही शुभ माना जाता है। अक्षय तृतीया को सर्वसिद्ध मुहूर्त माना गया है। जिस तरह से दीपावली के दिन को बहुत ही शुभ मुहूर्त माना जाता है और लक्ष्मी की कृपा प्राप्त के लिए इस दिन का विशेष महत्व होता है। इस दिन किसी भी शुभ कार्य को करने के लिए विशेष समय या मुहूर्त की आवश्यकता नहीं होती।
समर्पण भाव ही सच्ची भक्ति है-त्रेतानंद
Neeraj Chakrapani 2019-05-05 17:44:47
सासनी, 5 मई (आरएनआई) | आगरा अलीगढ रोड स्थित गोपाल नगर सब्जी मंडी के पास बिजाहरी में चैधरी सतवीर सिह के आवास पर मानव उत्थान सेवा समिति के वैनर तले महात्मा त्रेता नन्द द्वारा सत्संग आध्यात्मिक प्रवचन आयोजन किया गया। जिसमें श्रोताओं ने बढचढकर हिस्सा लिया।
कर्मयोगी राजयोगी बनने का शास्त्र है गीता
Neeraj Chakrapani 2019-05-04 18:28:57
हाथरस, 4 मई (आरएनआई) | प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय के अलीगढ़ रोड स्थित आनन्दपुरी कालोनी सेवाकेन्द्र का 18 वाँ वार्शिकोत्सव समारोह का आयोजन रविवार को मथुरा रोड स्थित राजरानी मेहरा गैस्ट हाउस में किया जायेगा। जिसमें दिल्ली से संगठन के न्याय प्रभाग की बी0के0 पुश्पा दीदी एवं संगठन की पष्चिमी उत्तर प्रदेष प्रभारी कासगंज की बी0के0 सरोज दीदी, चरखी दादरी से संगठन की स्पोर्टस विंग सदस्या बी0के0 प्रेम दीदी आदि विद्वान ब्रह्माकुमारी बहिनें सम्बोधित करेंगी। यह जानकारी आनन्दपुरी कालोनी केन्द्र की राजयोग षिक्षिका बी0के0 षान्ता बहिन ने दी।
Gujarat celebrates its foundation day
Root News of India 2019-05-01 07:04:11
Ahmedabad, May 1 (RNI): Today is the 60th Foundation Day of Gujarat. Every year, the day is celebrated in different districts by launching various welfare schemes.
वैदिक मंत्रोचार के साथ की गयी राधा कृष्ण की मूर्ति स्थापना
Mahendra Kumar Agrawal 2019-04-25 13:16:31
सीतापुर, 25 अप्रैल (आरएनआई) | नगर के हुसैनगंज में बंगाली डाक्टर दिलीप विश्वास ने अपने मंदिर में वैदिक मंत्रोचार के साथ राधा कृष्ण की मृर्ति प्राण प्रतिष्ठा बड़े ही धूमधाम के साथ की। मूर्ति स्थापना के बाद विशाल भण्डारे का आयोजन किया गया। जिसमें सैकड़ों लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया। राधा कृष्ण की मृर्ति प्राण प्रतिष्ठा से पूर्व डीजे की धुन पर थिरकते श्रद्धालुओं ने भव्य शोभा यात्रा निकाली। शोभायात्रा के दौरान हर तरफ भक्तिमय माहौल नजर आ रहा था। हवन पूजन कर मंत्रोच्चार के साथ विधिवत राधा कृष्ण मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा की गई। मंदिर में मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा होने के पश्चात विशाल भण्डारे का आयोजन किया गया। जिसमें पहुंच कर सैकड़ों लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया। उक्त कार्यक्रम में हुसैनगंज निवासियों ने भी अपना सहयोग किया। कार्यक्रम के दौरान बंगाली डाक्टर दिलीप विश्वास के बड़े भाई पलस कुमार विश्वास, छोटे भाई डाक्टर प्रदीप विश्वास, पिता शक्ति विश्वास व माता विद्दुत विश्वास समेत तमाम बंगाली परिवार के लोग उपस्थित रहे।
ବ୍ରହ୍ମପୁର ସହରରେ ପ୍ରସିଦ୍ଧ ଠାକୁରାଣୀ ଯାତ୍ରା ଅବସରରେ ପିଇବା ପାଣିର ଯୋଗାଣ ବନ୍ଦ ଲୋକେ ହନ୍ତସନ୍ତ…
Prafulla Kumar Sabat 2019-04-23 18:23:15
ବ୍ରହ୍ମପୁର : ବ୍ରହ୍ମପୁର ସହରରେ ପ୍ରସିଦ୍ଧ ଠାକୁରାଣୀ ଯାତ୍ରା ଆରମ୍ଭ ଅବସରରେ ପୁରୁଣା ବ୍ରହ୍ମପୁର ଅଂଚଳର ପ୍ରତ୍ୟେକଙ୍କ ଘରେ ମାଁଙ୍କ ଦର୍ଶନ ପାଇଁ ବନ୍ଧୁ ବାନ୍ଧବ ଗହଳି ଚହଲି ଲାଗି ରହିଥିବା ବେଳେ ପିଇବା ପାଣିର ଯୋଗାଣ ବନ୍ଦ ରହିଛି । ଗତ ୪ଦିନ ହେଲା ଏପରି ଅବସ୍ଥା ଲାଗି ରହିଛି । ସହରର ଅନ୍ୟାନ୍ୟ ଅଂଚଳରେ ମଧ୍ୟ ସମାନ ପରିସ୍ଥିତି ଦେଖାଦେଇଛି । ଆଗାମୀ ଦିନରେ କେଉଁ ପ୍ରକାର ପରିସ୍ଥିତି ହେବ, ତାହା ଏବେ ଠାରୁ ଅନୁମାନ କରିହୁଏ । ଗୋଟିଏ ପଟେ ହୋଟେଲ, ହଷ୍ଟେଲ, ନର୍ସିଂ ହୋମ, ବଡ ବଡ ଆପ୍ଟଟମେଣ୍ଟ, ଗୁଡିକରେ ସରକାରୀ ଗାଡିରେ ଚାେରା ପାଣି ବିକ୍ରୀ ହେଉଛି । ଅନ୍ୟପଟେ ରାତି ଅଧିଆ ଚୋରା ପାଇପ ସଂଯୋଗ ଯୋଗୁଁ ଏଭଳି ସମସ୍ୟା ଦେଖାଯାଉଛି । ଏ ସବୁ ଜନସ୍ୱାସ୍ଥ୍ୟ ନିର୍ବାହୀଯନ୍ତୀଙ୍କ ଅପାରଗତା ଯୋଗୁଁ ହେଉଥିବା ଜଣାଯାଉଛି । ୫୦୦ କୋଟି ବ୍ୟୟରେ ହୋଇଥିବା ଜାନିବିଲି ଜଳ ପ୍ରକଳ୍ପ ଅସଂପୂର୍ଣ୍ଣ ତଥା ଅଧପନ୍ତରିଆରେ ମୁଖ୍ୟମନ୍ତ୍ରୀ ଉଦଘାଟନ କରିବା ପରଠାରୁ ବ୍ରହ୍ମପୁର ସହରକୁ ସଂପୂର୍ଣ୍ଣ ରୂପେ ଜଳ ଯୋଗାଣ ହୋଇପାରି ନାହିଁ । ଅନ୍ୟ ପକ୍ଷରେ ମୁଖ୍ୟ ଶାସନ ସଚିବଙ୍କ ଅଧକ୍ଷତାରେ ବିଏମସି ଠାରେ ହୋଇଥିବା ବୌଠକରେ ଜଳକଷ୍ଟ ଥିବା ଅଂଚଳକୁ ଟେଙ୍କର ଯୋଗେ ଜଳ ଯୋଗଣ କରାଯିବା ନିଷ୍ପତ୍ତି ଦ୍ୱାରା ବିଭାଗୀୟ ଯନ୍ତ୍ରୀମାନେ ସରକାରୀ ଟେଙ୍କରକୁ ଠିଆ କରାଇ ବେସରକାରୀ ତଥା ଖରାପ ଓ ପାଣି ଭାସୁଥିବା ପ୍ରାୟ ୨୦ ରୁ ୨୫ ଟି ଟେଙ୍କର ନିୟୋଜିତ କରିଛନ୍ତି । ଏହି ବେସରକାରୀ ଟେଙ୍କର ଯୋଗେ ଚୋରା ପାଣି ବିକ୍ରୀ ହୋଉଥିଲେ ମଧ୍ୟ କୌଣସି ଉଚ୍ଚ ପଦସ୍ଥ ଅଧିକାରୀମାନେ କୌଣସି ପଦକ୍ଷେପ ନେବା ତ ଦୂର କଥା, ଓଲଟା ପରୋକ୍ଷରେ କିମ୍ବା ପ୍ରତ୍ୟେକ୍ଷ ଭାବେ ସଂପୂକ୍ତି ଥିବା ଜଣାଯାଏ ।
Easter being celebrated across the globe with religious fervour and gaiety
Root News of India 2019-04-21 14:18:14
New Delhi, April 21 (RNI): Easter is being celebrated across the globe today.

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