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किसान आत्महत्या पीड़ित परिवारों से कांग्रेस सरकार द्वारा अमानवीय व्यवहार किया जा रहा हैः हरसिमरत बादल

Root News of India 2019-04-20 16:49:54    POLITICS 5650
किसान आत्महत्या पीड़ित परिवारों से कांग्रेस सरकार द्वारा अमानवीय व्यवहार किया जा रहा हैः हरसिमरत बादल
बठिंडा, 20 अप्रैल (आरएनआई) | केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्री श्रीमती हरसिमरत कौर बादल ने आज कहा कि जिस तरह से कांग्रेस सरकार द्वारा किसान आत्महत्या पीड़ित परिवारों को नजरअंदाज किया जा रहा है, यह बहुत ही अमानवीय है। उन्होने कैप्टन अमरिंदर सिंह से कहा कि वह कांग्रेस के घोषणा पत्र में किए वादे के अनुसार हर पीड़ित परिवार को 10 लाख रूपए मुआवजा तथा एक सरकारी नौकरी देने का इंतजाम करें।

कल तलवंडी साबो तथा बुढ़लाडा में किसानों द्वारा की आत्महत्या के बारे प्रतिक्रिया जाहिर करते हुए श्रीमती बादल ने कहा कि कितने दुख की बात है कि सरकार बनाने के दो साल बाद भी कांग्रेस पार्टी किसान आत्महत्या पीड़ित परिवारों को मुआवजा तथा सरकारी नौकरियां देने सबंधी अभी तक कोई नीति तैयार नही कर पाई है। उन्होने कहा कि कांग्रेस पार्टी द्वारा अपने 90 हजार करोड़ रूपए की ऋण माफी के वादे से मुकर जाने के कारण 950 से ज्यादा किसाना आत्महत्या कर चुके हैं, पर सरकार अभी भी किसानों की तकलीफो को देखकर पिघली नही है।

यह टिप्पणी करते हुए कि मुख्यमंत्री ने झूठ बोलकर किसानों के साथ धोखा किया था, श्रीमती बादल ने कैप्टन अमरिंदर सिंह को पूछा कि वह जवाब दे कि उन्होने लिखित रूप में किसानों के सभी कर्जे, वह चाहे राष्ट्रीयकृत, सहकारी बैंकों के हो यां साहूकारों से लिए हों, माफ करने का भरोसा क्यों दिया था? उन्होने कहा कि वित्तमंत्री मनप्रीत बादल भी जवाब दें कि उन्होने इस वादे को पार्टी के चुनाव घोषणा पत्र का मुख्य वादा क्यों बनाया था? उन्होने कहा कि किसानों को मुर्ख बनाने के बाद अब कांग्रेस पार्टी दलितों को भी बेवकूफ बनाने की तैयारी कर रही है। उन्होने कहा कि इस बार लोग कांग्रेस पार्टी के बहकावे में नही आएंगें। उन्होने कहा कि दलित जानते हैं कि कांग्रेस सरकार ने उनको सरदार परकाश सिंह बादल द्वारा दी सभी सहुलतें भी छीन ली हैं, इसीलिए वह कांग्रेस के झूठे वादों पर भरोसा नही करेंगें।

बठिंडा सांसद ने कहा कि उन्हे मिली जानकारी के अनुसार तलवंडी साबो के एक 22 साल के किसान अमृतपाल ने महज 2.5 लाख रूपए का कर्जा चुकता न कर पाने के कारण आत्महत्या कर ली है। उन्होने कहा कि इसी तरह एक अन्य किसान बुढ़लाडा का मेजर सिंह कर्जे के नीचे दबा हुआ था, जब उसने महसुस कर लिया कि कांग्रेस सरकार की मुकम्मल कर्जा माफी का वादा पूरा करने की कोई नीयत नही है तो उसने भी निराश होकर अपनी जान दे दी।

श्रीमती बादल ने कहा कि कर्जा माफी के झूठे वादे ने राज्य की अर्थव्यवस्था को नष्ट कर दिया है। उन्होने कहा कि किसान डिफालटर हो गए हैं, क्योंकि उन्होने कैप्टन अमरिंदर पर विश्वास कर लिया तथा कर्जे चुकता करना बंद कर दिया। अब उन्हे साहूकारों से लिए कर्जों पर भारी ब्याज भी देना पड़ रहा है। इसका अगली पीढ़ी पर बहुत ही बुरा असर पड़ा है। बहुत से युवा निराश होकर आत्महत्या कर रहे हैं, जैसे तिउनां पुजारी व हरमनदीप के मामले में हुआ है, जिसने 15 अप्रैल को अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली थी।

बठिंडा सांसद ने किसानों से अपील की कि उनकी पीठ में छूरा घोपने वाली कांग्रेस सरकार को उचित सबक सिखाएं। उन्होने किसानों को कहा कि वह कांग्रेस पार्टी को मुंह तोड़ जवाब देने के लिए अपनी वोट की ताकत का इस्तेमाल करें ताकि कैप्टन सरकार किसानों से किए वादे पूरे करने के लिए मजबूर हो जाएं।

(बठिंडा से सुरेश रहेजा की रिपोर्ट)











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