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डेंगू के प्रकोप से बचाव के उपाय

Shyam Singh Chandel 2018-09-24 22:18:16    HELTH 37731
डेंगू के प्रकोप से बचाव के उपाय
मथुरा, 24 सितम्बर (आरएनआई) डेंगू के प्रकोप से बचाव के उपाय



1. डेंगू के लिए घरेलू नुस्खे



डेंगू का प्राकोप आजकल बहुत तेजी से फैल रहा है। यह बीमारी एडीज मच्छर द्वारा काटने से होती है। डेंगू के बारे में सबसे खास बात यह है कि इसके मच्छर दिन के समय काटते हैं तथा यह मच्छर साफ पानी में पनपते हैं। डेंगू के दौरान रोगी के जोड़ों और सिर में तेज दर्द होता है और बड़ों के मुकाबले यह बच्चों में ज्यादा तेजी फैलती है। डेंगू बुखार में प्लेटलेट्स का स्तर बहुत तेजी से नीचे गिरने के कारण यदि इसका इलाज तुरंत न किया जाए तो यह जानलेवा भी हो सकता है। डेंगू से बचाव के लिए कुछ घरेलू उपाय भी हैं जिन्हें अपनाकर डेंगू से बचाव संभव है। हम आपको कुछ ऐसे ही घरेलू और प्राकृतिक नुस्खे बता रहे हैं ताकि आप खुद को डेंगू के प्रकोप से बचा सकें।



2. डेंगू बुखार के लिए पपीते के पत्ते



पपीते की पत्तियों को डेंगू के बुखार के लिए सबसे असरकारी दवा कही जाती है। पपीते की पत्तियों में मौजूद पपेन नामक एंजाइम शरीर की पाचन शक्ति को ठीक करता है, साथ ही शरीर में प्रोटीन को घोलने का काम करता है। इसके अलावा इस जूस से प्लेटलेट्स की मात्रा तेजी से बढ़ती है। डेंगू के उपचार के लिए पपीते की पत्तियों का ताजा जूस निकाल कर एक-एक चम्मच करके रोगी को दें। पपीते का पेड़ आसानी से मिल जाता है।



3. प्रभावशाली दवा है बकरी का दूध



बकरी का दूध बहुत से लोगों को भले ही पसंद न हो लेकिन इसके फायदे बहुत हैं। डेंगू बुखार के लिए बकरी का दूध एक और बहुत ही प्रभावशाली दवा है। बकरी के दूध में गिरते हुए प्‍लेटलेट्स को तुरंत बढ़ाने की क्षमता होती है। डेंगू के उपचार के लिए रोगी को बकरी का कच्चा दूध थोड़ा-थोड़ा करके पिलाएं, इससे प्लेटलेट्स बढ़ने के साथ-साथ जोड़ों के दर्द में भी आराम मिलेगा।



4. प्लेटलेट बढ़ाने के लिए गिलोय



गिलोय की बेल का सत्व मरीज को दिन में 2-3 बार दें, या गिलोय के 7-8 पत्‍तों को लेकर कुचल लें उसमें 4-5 तुलसी की पत्तियां लेकर एक गिलास पानी में मिला कर उबालकर काढा बना लीजिए और इसमें पपीता के 3-4 पत्तों का रस मिला कर लेने दिन में तीन चार लेने से रोगी को प्लेटलेट की मात्रा में तेजी से इजाफा होता है। प्लेटलेट बढ़ाने का इस से बढ़िया कोई इलाज नहीं है। यदि गिलोय की बेल आपको ना मिले तो किसी आयुर्वेदिक स्‍टोर से आप गिलोय घनवटी लेकर एक एक गोली रोगी को दिन में 3 बार दे सकते हैं।



5. रक्‍त की कमी पूरा करें अनार



डेंगू बुखार में रक्त की कमी को पूरा करने और प्लेटलेट्स के स्तर को बढ़ाने के लिए अनार का रस पीना चाहिए। अनार में मुख्य रूप से विटामिन ए, सी, ई, फोलिक एसिड और एंटी ऑक्सीडेंट पाये जाते हैं। जो रोगी को रोग से लड़ने की क्षमता भी प्रदान करता है। डेंगू में रोगी को नियमित रूप से ताजा अनार का जूस देना चाहिए।



6. विषाक्त पदार्थ बाहर निकाले मेथी के पत्ते



मेथी के पत्ते भी डेंगू के बुखार को ठीक करने में मददगार होते हैं। मेथी से शरीर के विषाक्त पदार्थ बाहर निकल जाते हैं जिससे डेंगू के वायरस भी खत्म होते हैं। साथ ही यह पीड़ित का दर्द दूर कर उसे आसानी से नींद में मदद करती हैं। मेथी के पत्तों को पानी में उबालकर हर्बल चाय के रूप में इसका प्रयोग किया जा सकता है।  इसके अलावा, मेथी पाउडर को भी पानी में मिलाकर पी सकते हैं।



7. प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत बनायें तुलसी



10 से 12 तुलसी के पत्ते और 4-5 काली मिर्च को गर्म पानी में उबालकर छानकर, डेंगू के मरीज को पिलाना सेहत के लिए अच्‍छा रहता है। तुलसी की यह चाय डेंगू रोगी को बेहद आराम पहुंचाती है। यह चाय दिनभर में तीन से चार बार ली जा सकती है। यह चाय आपकी प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत बनाती है और एंटी-बैक्टीरियल तत्व के रूप में कार्य करती है।
















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